महिला कबड्डी विश्व कप 2025 की चैंपियन बनी भारतीय टीम

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने महिला कबड्डी विश्व कप 2025 जीतकर देश को गर्व का मौका दिया। फाइनल में भारत ने चीनी ताइपे को 35-28 से हराकर खिताब अपने नाम किया। यह जीत भारतीय कबड्डी की विश्व स्तर पर बादशाहत को और मजबूत करती है।




भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता विश्व कप 2025
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता विश्व कप 2025

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एक बार फिर देश का नाम रोशन करते हुए महिला कबड्डी विश्व कप 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है। भारत ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल मुकाबला सोमवार, 24 नवंबर 2025 को खेला गया, जिसमें भारतीय टीम ने मजबूत चीनी ताइपे को हराकर अपनी बादशाहत कायम रखी।


रोमांच और प्रतिस्पर्धा से भरपूर रहा यह टूर्नामेंट

महिला कबड्डी विश्व कप 2025 में कुल 11 टीमों ने हिस्सा लिया और हर मुकाबले में जबरदस्त रोमांच देखने को मिला। लीग चरण से लेकर नॉकआउट मुकाबलों तक, खिलाड़ियों ने बेहतरीन फिटनेस, रणनीति और जुझारूपन का प्रदर्शन किया। इस टूर्नामेंट ने यह साफ कर दिया कि महिला कबड्डी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है।

डिफेंडिंग चैंपियन भारत और चीनी ताइपे ने पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखा। दोनों ही टीमें ग्रुप स्टेज और सेमीफाइनल में अजेय रहीं और अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहीं। भारत ने सेमीफाइनल में ईरान को हराया, जबकि चीनी ताइपे ने मेजबान बांग्लादेश को मात देकर फाइनल में जगह बनाई।


वूमेंस कबड्डी वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में कांटे की टक्कर

भारत और चीनी ताइपे के बीच खेला गया फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। यह मुकाबला हाल ही में हुए एशियन गेम्स फाइनल की याद दिलाने वाला था, जहां भारत ने सिर्फ एक अंक से जीत दर्ज की थी। शुरुआती मिनटों में दोनों टीमों की डिफेंस मजबूत रही और पहले 10 मिनट के बाद स्कोर 11-9 रहा।

इसके बाद भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। संजू देवी ने शानदार 4 अंकों की सुपर रेड लगाकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। हालांकि, चीनी ताइपे ने कई बार ऑलआउट से खुद को बचाया, लेकिन आखिरकार भारत ने पहला ऑलआउट कर बढ़त हासिल की।


कप्तान की चोट के बावजूद भारत का दबदबा

मैच के दौरान एक टैकल के प्रयास में भारतीय कप्तान ऋतु नेगी चोटिल हो गईं, जिससे कुछ समय के लिए चिंता जरूर बढ़ी। इसके बावजूद टीम ने संयम बनाए रखा और पहला हाफ 20-16 की बढ़त के साथ खत्म किया।

दूसरे हाफ में भारत ने अपनी लय बरकरार रखी। पुष्पा राणा ने मल्टी-पॉइंट रेड से टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। मुकाबले के अंतिम पांच मिनटों में स्कोर 29-24 था, लेकिन भारतीय डिफेंस ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए चीनी ताइपे को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।


महिला कबड्डी विश्व कप 2025: भारत की शानदार जीत, चीनी ताइपे को रजत पदक

महिला कबड्डी विश्व कप 2025 के फाइनल मैच के अंत में भारतीय टीम ने मुकाबला 35-28 से जीतकर लगातार दूसरी बार महिला कबड्डी विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने साबित कर दिया कि दबाव के बड़े मुकाबलों में टीम का अनुभव और आत्मविश्वास कितना मजबूत है।

चीनी ताइपे की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया और फाइनल में आने तक अजेय रही। उन्हें इस विश्व कप में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इससे पहले भी वह एशियन गेम्स में उपविजेता रह चुकी हैं, जो उनकी निरंतरता को दर्शाता है।


भारतीय कबड्डी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

यह जीत भारतीय कबड्डी के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ती है। पुरुष टीम जहां अब तक सभी विश्व कप जीत चुकी है, वहीं महिला टीम ने भी इस परंपरा को कायम रखा है। अब तक आयोजित हुए हर कबड्डी विश्व कप (पुरुष और महिला) में भारत ने खिताब जीता है, जो खेल में उसकी पूर्ण श्रेष्ठता को दर्शाता है।

महिला टीम की यह सफलता भारत में महिला कबड्डी की बढ़ती लोकप्रियता और मजबूत संरचना का प्रमाण है। युवा खिलाड़ियों का इस मंच पर बेखौफ प्रदर्शन आने वाले वर्षों में भारतीय कबड्डी के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है।


यहाँ देखें: महिला कबड्डी वर्ल्ड कप 2025 पॉइंट्स टेबल: जानिए ग्रुप A और ग्रुप B की पूरी अंकतालिका


मेजबान बांग्लादेश का शानदार प्रदर्शन

मेजबान बांग्लादेश की टीम को घरेलू दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिला। टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि, उन्हें चीनी ताइपे के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद बांग्लादेश ने कांस्य पदक जीतकर अपने घरेलू अभियान को यादगार बना दिया।

हालांकि चीनी ताइपे को 35-28 से हराकर भारत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कबड्डी के वैश्विक मंच पर उसका कोई मुकाबला नहीं। महिला कबड्डी विश्व कप 2025 की यह जीत भारतीय खेल इतिहास में लंबे समय तक याद रखी जाएगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

---Advertisement---

Leave a Comment