
महिला कबड्डी विश्व कप महिला कबड्डी का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित टूर्नामेंट माना जाता है। इसमें दुनिया भर की टीमें हिस्सा लेती हैं और खिताब जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक देती हैं। यह प्रतियोगिता महिला कबड्डी का सर्वोच्च मंच है, जहां हर टीम खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करना चाहती है। अब तक के इतिहास को देखें तो एक बात बिल्कुल साफ नजर आती है—भारतीय टीम का दबदबा।
भारत ने न सिर्फ इस टूर्नामेंट की शुरुआत से ही अपनी मजबूत पकड़ बनाई, बल्कि हर संस्करण में अपनी श्रेष्ठता भी साबित की है। भारतीय महिला कबड्डी टीम का प्रदर्शन यह दिखाता है कि देश में इस खेल की जड़ें कितनी मजबूत हैं।
महिला कबड्डी विश्व कप की शुरुआत
पुरुष कबड्डी विश्व कप की शुरुआत साल 2004 में हुई थी और अब तक इसके तीन संस्करण खेले जा चुके हैं। खास बात यह है कि इन तीनों खिताबों पर भारत ने कब्जा जमाया है। पुरुष वर्ग की सफलता के बाद महिला कबड्डी को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने के उद्देश्य से महिला कबड्डी विश्व कप की शुरुआत की गई।
पहला महिला कबड्डी विश्व कप 2012 में पटना (बिहार) में आयोजित किया गया था। इस टूर्नामेंट को अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ (IKF) से मान्यता मिली थी। इसका आयोजन बिहार सरकार और एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) द्वारा किया गया, जिसमें 16 देशों ने हिस्सा लिया। यह महिला कबड्डी के लिए एक ऐतिहासिक कदम था।
इसके बाद करीब 13 साल के लंबे अंतराल के बाद दूसरा महिला कबड्डी विश्व कप 2025 में ढाका, बांग्लादेश में आयोजित किया गया। यह पहली बार था जब यह टूर्नामेंट भारत से बाहर खेला गया। इस संस्करण में 11 टीमों ने खिताब के लिए मुकाबला किया, जिससे यह साफ हुआ कि महिला कबड्डी अब वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रही है।
महिला कबड्डी विश्व कप विजेताओं की सूची (2012-2025)
| सीजन | विजेता | उपविजेता | मेजबान |
|---|---|---|---|
| 1 (2012) | भारत | ईरान | पटना, भारत |
| 2 (2025) | भारत | चीनी ताइपे | ढाका, बांग्लादेश |
भारत – 2012 (पटना, भारत)
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने 2012 में खेले गए पहले महिला कबड्डी विश्व कप को जीतकर इतिहास रच दिया। पाटलिपुत्र खेल परिसर, पटना में खेले गए इस टूर्नामेंट में भारत ने शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया और पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा।
ग्रुप चरण में भारत ने दक्षिण कोरिया, चीनी ताइपे और मैक्सिको जैसी मजबूत टीमों को हराकर अपना दबदबा दिखाया। क्वार्टर फाइनल में भारत ने इंडोनेशिया को 66-20 के बड़े अंतर से मात दी।
सेमीफाइनल में भी भारतीय टीम ने शानदार खेल जारी रखा और जापान को 59-20 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में भारत का सामना ईरान से हुआ। यह मैच काफी कड़ा रहा, लेकिन अनुभव और धैर्य के दम पर भारत ने 25-19 से जीत दर्ज कर पहला महिला कबड्डी विश्व कप अपने नाम किया।
भारत – 2025 (ढाका, बांग्लादेश)
महिला कबड्डी विश्व कप 2025 भारतीय टीम के लिए एक और यादगार टूर्नामेंट साबित हुआ। ढाका, बांग्लादेश में आयोजित यह प्रतियोगिता इसलिए भी खास रही क्योंकि यह पहली बार भारत के बाहर खेली गई।
डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरी भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज में सभी मुकाबले जीतकर तालिका में पहला स्थान हासिल किया। सेमीफाइनल में भारत को ईरान से कड़ी चुनौती मिली, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की।
फाइनल में भारत का सामना चीनी ताइपे से हुआ, जो टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही थी। एशियन गेम्स के फाइनल में भारत से एक अंक से हारने वाली चीनी ताइपे की टीम बदला लेना चाहती थी, लेकिन भारतीय महिला खिलाड़ियों ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया।
रोमांच से भरे इस मुकाबले में भारत ने 35-28 से जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार महिला कबड्डी विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।
महिला कबड्डी में भारत की बादशाहत
अब तक खेले गए महिला कबड्डी विश्व कप के सभी संस्करण भारत ने जीते हैं, जो देश की कबड्डी ताकत को दर्शाता है। पुरुष और महिला दोनों वर्गों को मिलाकर देखें तो भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसने अब तक हर कबड्डी विश्व कप खिताब जीता है।
यह सफलता भारतीय महिला कबड्डी की मजबूत संरचना, बेहतर प्रशिक्षण और बढ़ते समर्थन का नतीजा है। आने वाले वर्षों में मुकाबला जरूर कड़ा होगा, लेकिन फिलहाल महिला कबड्डी की दुनिया में भारत का दबदबा कायम है।
महिला कबड्डी विश्व कप का सफर अभी लंबा है, और भारतीय टीम हर बार खुद को नए मानकों पर खड़ा करते हुए इतिहास रचती जा रही है।









