
प्रो कबड्डी लीग (PKL) भारत में एक पेशेवर कबड्डी लीग है, जिसे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से प्रेरित होकर बनाया गया था। इसका उद्देश्य कबड्डी के खेल को लोकप्रिय बनाना और खिलाड़ियों को एक बड़ा मंच प्रदान करना है। इसकी शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी, और मशाल स्पोर्ट्स इस लीग की आयोजक है।
प्रो कबड्डी लीग ने भारत के पारंपरिक खेल कबड्डी को एक नई पहचान दी है और इसे एक पेशेवर और लोकप्रिय खेल के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है। इसके हर सीज़न में लीग ने नए रिकॉर्ड बनाए, खिलाड़ियों को एक नया मंच दिया और युवाओं में कबड्डी के प्रति रुचि को बढ़ाया। अब तक इसके कुल 11 सीज़न हो चुके हैं और 12वां सीज़न 29 अगस्त 2025 से शुरू हो गया है।
| Official Logo | ![]() |
| मेज़बान देश | भारत (India) |
| प्रारूप | राउंड-रॉबिन और प्लेऑफ़ |
| मालिक (आयोजक) | माशल स्पोर्ट्स |
| स्थापित | 2014 |
| प्रतिभागियों की टीम | 12 |
| गत विजेता | हरियाणा स्टीलर्स (पहला खिताब) |
| सर्वाधिक रेड पॉइंट | प्रदीप नरवाल (1801) |
| सर्वाधिक टैकल पॉइंट | फ़ज़ल अत्राचली (545) |
| आधिकारिक वेबसाइट | prokabaddi.com |
प्रो कबड्डी लीग की प्रेरणा और स्थापना
प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत 2014 में हुई थी, हालांकि इसकी स्थापना का विचार 2006 के एशियाई खेलों में कबड्डी टूर्नामेंट की लोकप्रियता से आया था। दरअसल इस टूर्नामेंट में कबड्डी का एक इनडोर और आधुनिक संस्करण खेला गया था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसी से प्रेरित होकर, मशाल स्पोर्ट्स के संस्थापक चारु शर्मा और आनंद महिंद्रा ने मिलकर एक पेशेवर कबड्डी लीग शुरू करने का फैसला किया।
आखिरकार 2014 में व्यापक शोध और मार्केट रिसर्च के बाद 20 मई को खिलाड़ियों की नीलामी के साथ प्रो कबड्डी लीग को लॉन्च किया गया। PKL का पहला सीजन 26 जुलाई 2014 से शुरू हुआ, और फाइनल मुकाबला 31 अगस्त को खेला गया।
इस लीग की आयोजक कंपनी मशाल स्पोर्ट्स की स्थापना 1994 में मशहूर बिज़नेसमैन आनंद महिंद्रा और चारू शर्मा द्वारा की गई थी, और इसे स्टार इंडिया (अब: जियो स्टार) का समर्थन प्राप्त है। इसका मकसद भारतीय दर्शकों के बीच कबड्डी की उपलब्धता को बढ़ाना और इसे ग्लोबल लेवल पर पहचान दिलाना था।
PKL लीग का फॉर्मेट और संरचना
प्रो कबड्डी लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेती हैं, जो अलग-अलग राज्यों और शहरों का प्रतिनिधित्व करती हैं। लीग राउंड-रॉबिन फॉर्मेट (लीग चरण और प्लेऑफ़) में होती है, जिसमें लीग चरण में हर टीम दूसरी टीम से दो बार खेलती है, जिससे कुल मिलाकर हर टीम के 22 मैच होते थे। लेकिन 2025 में इसके फॉर्मेट में बदलाव होने के बाद अब हर टीम 18 मैच ही खेलती है।
अंक प्रणाली:
- जीत: जीतने वाली टीम को 2 अंक मिलते हैं।
- हार: हारने वाली टीम को 0 अंक मिलते हैं।
- टाई (TIE): अगर मैच टाई होता है, तो दोनों टीमों के बीच टाई ब्रेकर होता है और परिणाम के आधार पर अंक मिलते हैं।
लीग चरण समाप्त होने के बाद अंक तालिका की टॉप 4 टीमें सीधे प्लेऑफ में जाती हैं, तो वहीं 5वें, 6ठे, 7वें और 8वें नम्बर की टीमें प्लेइन में प्ले ऑफ में जगह बनाने के लिए संघर्ष करती है, जिनमें से एक टीम फाइनल जीतकर चैंपियन बनती है।
हर टीम में भारतीय और विदेशी खिलाड़ी शामिल होते हैं और इनके चयन के लिए हर सीज़न से पहले नीलामी होती है।
वीवो प्रो कबड्डी लीग की सभी टीमें
प्रो कबड्डी लीग के पहले सीज़न (2014) में, आठ टीमें (पटना पाइरेट्स, जयपुर पिंक पैंथर्स, यू मुम्बा, तेलुगु टाइटन्स, बंगाल वारियर्स, बेंगलुरु बुल्स, पुनेरी पल्टन और दबंग दिल्ली केसी) शामिल थीं। पहले सीज़न की सफलता के बाद, लीग ने धीरे-धीरे विस्तार किया। PKL सीजन 5 (2017) में, इसमें चार नई टीमों को जोड़ा गया, जिससे कुल टीमों की संख्या 12 हो गई।
5वें सीजन में, जुड़ी चार नई टीमें थी – तमिल थलाइवास, हरियाणा स्टीलर्स, यूपी योद्धा और गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स (अब गुजरात जायंट्स)।
| क्र. सं. | टीम | स्थान | स्टेडियम |
|---|---|---|---|
| 1. | बंगाल वॉरियर्स | कोलकाता | नेताजी इनडोअर स्टेडियम |
| 2. | बेंगलुरू बुल्स | बेंगलुरू नागपुर | कान्तीरवा इनडोर स्टेडियम मनकापुर इनडोर स्टेडियम |
| 3. | दबंग दिल्ली | दिल्ली | त्यागराज स्पोर्टस् कॉम्प्लेक्स |
| 4. | गुजरात जायंट्स | अहमदाबाद | ईकेए एरिना |
| 5. | हरियाणा स्टीलर्स | सोनीपत | मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ़ स्पोर्ट्स |
| 6. | जयपुर पिंक पैंथर्स | जयपुर | सवाई मानसिंह स्टेडियम |
| 7. | पटना पाइरेट्स | पटना रांची | पाटलीपुत्र स्पोर्टस् कॉम्प्लेक्स हरिवंश ताना भगत इंडोर स्टेडियम |
| 8. | पुनेरी पलटन | पुणे | श्री शिवछत्रपती स्पोर्टस् कॉम्प्लेक्स |
| 9. | तेलुगु टाइटन्स | हैदराबाद वैज़ाग | गच्चिबावली स्टेडियम राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम |
| 10. | तमिल थलाइवाज | चेन्नई | जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम |
| 11. | यू मुम्बा | मुम्बई | नेशनल स्पोर्टस् क्लब ऑफ़ इण्डिया |
| 12. | यूपी योद्धा | लखनऊ | बाबू बनारसी दास इंडोर स्टेडियम |
हर टीम का एक मालिक या फ्रेंचाइज़ी होता है, जो खिलाड़ियों की खरीद-फरोख्त, ब्रांडिंग और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालता है। जैसे जयपुर पिंक पैंथर्स की मालिकाना हक बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन के पास है।
पीकेएल के नियम और स्कोरिंग सिस्टम
प्रो कबड्डी लीग में कबड्डी के पारंपरिक नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं ताकि इसे और अधिक रोमांचक बनाया जा सके।हालांकि PKL इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन (IKF) के नियमों के अनुसार खेली जाती है। इसके कुछ प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:
- मैच का समय: प्रत्येक मैच 40 मिनट का होता है, जिसे 20-20 मिनट के दो हाफ में बांटा गया है।
- खिलाड़ी: एक टीम में 7 खिलाड़ी होते हैं और अधिकतम 5 खिलाड़ियों को सब्स्टीट्यूट किया जा सकता है।
- पॉइंट: विपक्षी टीम के हर खिलाड़ी को आउट करने पर 1 पॉइंट मिलता है। इसके अलावा टच पॉइंट, बोनस पॉइंट, सुपर रेड और सुपर टैकल जैसे पॉइंट्स मिलते हैं।
- रेड: रेडर को 30 सेकंड के अंदर रेड पूरी करनी होती है।
- बोनस अंक: अगर डिफेंडिंग टीम में 6 या 7 खिलाड़ी होते हैं, तो रेडर बोनस लाइन पार करके बोनस अंक ले सकता है।
- सुपर टैकल: अगर डिफेंडिंग टीम में 3 या उससे कम खिलाड़ी हों और वे रेडर को पकड़ लेते हैं, तो उन्हें 1 की जगह 2 अंक मिलते हैं।
- लोना: अगर कोई टीम विपक्षी टीम के सभी खिलाड़ियों को आउट कर देती है, तो उसे 2 अतिरिक्त अंक मिलते हैं, जिसे “लोना” कहा जाता है।
सीज़न 1 (2014)
प्रो कबड्डी लीग का पहला सीज़न 26 जुलाई से 31 अगस्त 2014 तक आयोजित किया गया था। पहले सीज़न में 8 टीमों (जयपुर पिंक पैंथर्स, यू मुंबा, पटना पाइरेट्स, बेंगलुरु बुल्स, दबंग दिल्ली के.सी., बंगाल वॉरियर्स, पुणेरी पलटन, तेलुगु टाइटन्स) ने हिस्सा लिया, जिनमें से हर टीम ने एक भारतीय शहर का प्रतिनिधित्व किया।
इसका पहला मैच यू मुंबा और जयपुर पिंक पैंथर्स के बीच खेला गया था। लीग एक राउंड-रॉबिन प्रारूप में खेली गई, जिसके बाद प्लेऑफ़ चरण में शीर्ष 4 टीमों ने सेमीफाइनल और फ़ाइनल में जगह बनाई।
पीकेएल के उद्घाटन सत्र का फाइनल मैच मुंबई (सरदार वल्लभभाई पटेल इंडोर स्टेडियम) में खेला गया, जिसमें अभिषेक बच्चन की टीम जयपुर पिंक पैंथर्स ने यू मुंबा को 35-24 के स्कोर से हराकर खिताब जीता था। यह सीजन बेहद सफल रहा और टीवी पर इसने शानदार टीआरपी हासिल की।
इस सीज़न में कई खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे वे रातों-रात स्टार बन गए।
- सबसे सफल रेडर: यू मुंबा के कप्तान अनूप कुमार लीग के सबसे सफल रेडर थे। उन्होंने 155 रेड पॉइंट हासिल करके अपनी टीम को फाइनल तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- अन्य प्रमुख खिलाड़ी: राहुल चौधरी (तेलुगु टाइटन्स) और मंजीत चिल्लर (बेंगलुरु बुल्स) जैसे खिलाड़ी भी इस सीज़न में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए जाने गए।
सीज़न 2 (2015)
प्रो कबड्डी लीग का दूसरा सीज़न 18 जुलाई 2015 को शुरू हुआ और 23 अगस्त 2015 को समाप्त हुआ। पहले सीज़न की तरह ही, इस सीज़न में भी 8 टीमों ने भाग लिया। हालांकि इस सीज़न में टीमों के स्क्वॉड का आकार 14 से बढ़ाकर 25 कर दिया गया, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का ज़्यादा मौका मिला।
इस सीज़न में यू मुंबा का प्रदर्शन असाधारण रहा। उन्होंने लीग चरण में 14 में से 12 मैच जीते और अंक तालिका में शीर्ष पर रहे। उनकी टीम, जिसमें अनूप कुमार, विशाल माने और मोहित चिल्लर जैसे खिलाड़ी शामिल थे, ने पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखा।
पीकेएल सीज़न 2 का फाइनल 23 अगस्त 2015 को मुंबई में हुआ। जिसमें यू मुंबा और बेंगलुरु बुल्स आमने-सामने थे। इस मैच में यू मुंबा ने बेंगलुरु बुल्स को 36-30 के स्कोर से हराया और पहले सीज़न की हार का बदला लेते हुए अपना पहला प्रो कबड्डी लीग खिताब जीता। यह सीज़न पहले से भी ज़्यादा रोमांचक था और इसने कबड्डी की लोकप्रियता को और बढ़ा दिया।
लीग के प्रमुख खिलाड़ी:
- एमवीपी (MVP): मंजीत चिल्लर (बेंगलुरु बुल्स) को सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (MVP) चुने गए। उन्होंने रेडिंग और टैकलिंग दोनों में शानदार प्रदर्शन किया।
- सर्वश्रेष्ठ रेडर: राहुल चौधरी (तेलुगु टाइटन्स) ने 135 रेड अंक हासिल करके टॉप रेडर का खिताब जीता।
- सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर: संदीप नरवाल (पटना पाइरेट्स) को सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर चुना गया।
सीज़न 3 (जनवरी 2016)
प्रो कबड्डी के तीसरे सीजन की शुरुआत 30 जनवरी 2016 को हुई और अंत 5 मार्च 2016 को हुआ। इस सीज़न में भी 8 टीमों ने भाग लिया था। लीग चरण और प्लेऑफ़ का प्रारूप पहले सीज़न की तरह ही था।
PKL सीज़न 3 का फाइनल 5 मार्च 2016 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में पटना पाइरेट्स और यू मुंबा के बीच खेला गया। इस रोमांचक मुकाबले में पटना पाइरेट्स ने यू मुंबा को 31-28 के करीबी अंतर से हराकर खिताब जीता।
- सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (MVP): रोहित कुमार (पटना पाइरेट्स) को इस सीज़न का सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (Most Valuable Player) चुना गया। उन्होंने रेडिंग और डिफेंस दोनों में कमाल का प्रदर्शन किया।
- प्रमुख रेडर: इस सीज़न में परदीप नरवाल ने पटना पाइरेट्स के लिए एक नए स्टार के रूप में अपनी पहचान बनाई, हालाँकि वे अभी अपने करियर के शुरुआती चरण में थे।
सीज़न 4 (जून 2016)
प्रो कबड्डी लीग का सीज़न 4, 2016 में उसी साल हुए सीज़न 3 के बाद आया, जिसने कबड्डी फैंस को लगातार एक्शन का मज़ा दिया। PKL 4 में भी कुल 8 टीमों ने हिस्सा लिया और प्रारूप भी पिछले सीज़न की तरह ही था। यह 25 जून से 31 जुलाई 2016 तक खेला गया।
PKL सीज़न 2 का फाइनल 31 जुलाई 2016 को हैदराबाद के गाचीबोवली इंडोर स्टेडियम में खेला गया। जिसमें पटना पाइरेट्स ने जयपुर पिंक पैंथर्स को 37-29 के स्कोर से हराया। यह पटना पाइरेट्स का लगातार दूसरा खिताब था, जिसने टीम को लीग की सबसे सफल टीमों में से एक के रूप में स्थापित किया।
लीग के प्रमुख खिलाड़ी
- सबसे सफल रेडर: तेलुगु टाइटन्स के राहुल चौधरी इस सीज़न में भी सबसे सफल रेडर रहे, उन्होंने 146 रेड पॉइंट हासिल किए।
- सबसे सफल डिफेंडर: पुनेरी पलटन के धर्मराज चेरलाथन ने सबसे ज्यादा 46 टैकल पॉइंट हासिल किए।
सीज़न 5 (2017)
प्रो कबड्डी लीग का पाँचवाँ सीज़न 28 जुलाई से 28 अक्टूबर 2017 तक खेला गया, यह एक ऐतिहासिक सीज़न था, जिसने लीग के आकार और लोकप्रियता को अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया। इस सीज़न में कई बड़े बदलाव देखने को मिले। इस सीज़न में सबसे बड़ा बदलाव टीमों की संख्या में हुआ। लीग में 4 नई टीमों (गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स, हरियाणा स्टीलर्स, यूपी योद्धा, और तमिल थलाइवाज) को शामिल किया गया, जिससे कुल टीमों की संख्या 8 से बढ़कर 12 हो गई।
इसके साथ ही इसके फॉर्मेट में भी बदलाव हुआ और 12 टीमों को दो जोन (जोन ए और जोन बी) में बाँटा गया था, हर जोन में 6 टीमें थीं। लीग चरण में कुल 130 से ज़्यादा मैच खेले गए, जो कि अब तक का सबसे लंबा सीज़न था। हर जोन से शीर्ष 3 टीमों ने प्लेऑफ़ के लिए क्वालिफाई किया, जिसमें एलिमिनेटर और क्वालिफायर मैच शामिल थे।
फाइनल और विजेता
PKL सीज़न 5 का फाइनल 28 अक्टूबर 2017 को पटना पाइरेट्स और नई टीम गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स के बीच चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में हुआ। जिसमें पटना ने गुजरात को 55-38 के बड़े अंतर से हराया और लगातार तीसरी बार प्रो कबड्डी लीग का खिताब जीतकर इतिहास रचा और अपनी बादशाहत कायम रखी।
सीजन के प्रमुख खिलाड़ी
- सबसे सफल रेडर: पटना पाइरेट्स के परदीप नरवाल ने इस सीज़न में रेडिंग का नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 274 रेड पॉइंट हासिल किए, जिनमें एक ही रेड में 8 पॉइंट लाने का अविश्वसनीय रिकॉर्ड भी शामिल था।
- सबसे सफल डिफेंडर: हरियाणा स्टीलर्स के सुरजीत सिंह ने 76 टैकल पॉइंट हासिल कर सबसे सफल डिफेंडर का खिताब जीता।
- सबसे महंगे खिलाड़ी: इस सीज़न के लिए खिलाड़ियों की नीलामी हुई थी, जिसमें नितिन तोमर (यूपी योद्धा) को ₹93 लाख में खरीदा गया था, जिससे वह सबसे महंगे खिलाड़ी बने।
सीजन 6 (2018-19)
प्रो कबड्डी लीग का छठा सीज़न भी पिछले सीज़न की तरह ही 12 टीमों के साथ आयोजित किया गया था और यह काफ़ी लंबा चला था। यह सीज़न अपनी अप्रत्याशित जीत और रोमांचक मैचों के लिए जाना जाता है। टूर्नामेंट की शुरुआत 7 अक्टूबर 2018 को हुई थी और समाप्ति 5 जनवरी 2019 को हुई।
इस सीज़न में भी 12 टीमों ने हिस्सा लिया, जिन्हें दो ज़ोन (Zone A और Zone B) में बाँटा गया था। प्रत्येक टीम ने 22 मैच खेले। हर ज़ोन की शीर्ष तीन टीमों ने प्लेऑफ़ में जगह बनाई, जिसमें एलिमिनेटर, क्वालीफ़ायर और फाइनल शामिल थे।
फाइनल और विजेता
सीज़न का फाइनल 5 जनवरी 2019 को मुंबई के डोम एनएससीआई एसवीपी स्टेडियम में खेला गया, जिसमें बेंगलुरु बुल्स और गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स के बीच मुकाबला हुआ। गुजरात की टीम ने लगातार दूसरे फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल मैच में बेंगलुरु बुल्स ने गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स को 38-33 के स्कोर से हराकर अपनी पहली प्रो कबड्डी लीग ट्रॉफी जीती। यह जीत पवन सहरावत के अविश्वसनीय प्रदर्शन और कप्तान रोहित कुमार के नेतृत्व में संभव हुई।
सीजन के प्रमुख खिलाड़ी
- सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (MVP): बेंगलुरु बुल्स के पवन कुमार सहरावत को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए MVP चुना गया। उन्होंने फाइनल में अकेले 22 रेड पॉइंट हासिल किए थे।
- सबसे सफल रेडर: पवन कुमार सहरावत ने इस सीज़न में कुल 271 रेड पॉइंट बनाए, जो एक बड़ा रिकॉर्ड था।
- सबसे सफल डिफेंडर: यूपी योद्धा के नितेश कुमार ने एक सीज़न में सबसे ज़्यादा 100 टैकल पॉइंट हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा।
- सबसे महंगे खिलाड़ी: इस सीज़न की नीलामी में हरियाणा स्टीलर्स ने मोनू गोयत को ₹1.51 करोड़ में खरीदा, जिससे वह प्रो कबड्डी लीग के इतिहास में ₹1 करोड़ की सीमा को पार करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।
सीजन 7 (2019)
प्रो कबड्डी लीग (PKL) का सातवां सीज़न 2019 में आयोजित किया गया था, जो अपनी रोमांचक प्रतिस्पर्धा और नए स्टार खिलाड़ियों के उभरने के लिए जाना जाता है। टूर्नामेंट की शुरुआत 20 जुलाई 2019 को हुई थी और समाप्ति 19 अक्टूबर 2019 को हुई। इस सीज़न में भी 12 टीमों ने हिस्सा लिया, जैसा कि पिछले सीज़न में था।
इस सीज़न का सबसे बड़ा बदलाव फॉर्मेट में हुआ था। इस बार टीमों को ज़ोन (Zone A और Zone B) में बाँटने की व्यवस्था को हटा दिया गया। इसके बजाय, सभी 12 टीमों ने एक ही लीग में भाग लिया और हर टीम ने दूसरी टीम से दो बार मुकाबला किया। यह फॉर्मेट सभी टीमों को बराबर मौका देने के लिए डिज़ाइन किया गया था। लीग चरण के अंत में, शीर्ष 6 टीमों ने प्लेऑफ़ के लिए क्वालिफाई किया, जिसमें एलिमिनेटर, सेमी-फाइनल और फाइनल शामिल थे।
फाइनल और विजेता
PKL सीज़न 7 का फाइनल 19 अक्टूबर 2019 को अहमदाबाद में खेला गया, जिसमें बंगाल वॉरियर्स और दबंग दिल्ली के.सी. के बीच मुकाबला हुआ। यह दोनों ही टीमों का पहला फाइनल था। फाइनल मैच में बंगाल वॉरियर्स ने दबंग दिल्ली को 39-34 के स्कोर से हराया। इस जीत के साथ बंगाल वॉरियर्स ने अपना पहला और ऐतिहासिक प्रो कबड्डी लीग खिताब जीता। यह जीत इसलिए भी खास थी क्योंकि टीम के मुख्य रेडर मनिंदर सिंह चोटिल होने के बावजूद, टीम ने एकजुट होकर यह जीत हासिल की।
लीग के प्रमुख खिलाड़ी
- सबसे सफल रेडर: बेंगलुरु बुल्स के पवन कुमार सहरावत ने 346 रेड पॉइंट के साथ टॉप रेडर का खिताब जीता। उन्होंने इस सीज़न में एक ही मैच में 39 पॉइंट हासिल करने का रिकॉर्ड भी बनाया था।
- सबसे सफल डिफेंडर: यू मुंबा के कप्तान फज़ल अत्राचली ने 82 टैकल पॉइंट के साथ सबसे सफल डिफेंडर का खिताब जीता।
- नए स्टार्स का उदय: इस सीज़न में कई युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिनमें दबंग दिल्ली के नवीन कुमार (जिन्हें “नवीन एक्सप्रेस” के नाम से जाना जाता है) और यूपी योद्धा के सुमित प्रमुख थे। नवीन ने इस सीज़न में लगातार 22 सुपर 10s का रिकॉर्ड बनाया था।
- सबसे महंगे खिलाड़ी: इस सीज़न की नीलामी में सिद्धार्थ देसाई (तेलुगु टाइटन्स) को ₹1.45 करोड़ में खरीदा गया था, जिससे वह सबसे महंगे खिलाड़ी बने।
सीजन 8 (2021-22)
प्रो कबड्डी लीग का आठवां सीज़न COVID-19 महामारी के कारण एक साल के अंतराल के बाद हुआ था, लेकिन इसने प्रशंसकों के उत्साह को कम नहीं होने दिया। यह सीज़न कई रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शनों और एक रोमांचक फाइनल के लिए याद किया जाता है।
टूर्नामेंट का आयोजन 22 दिसंबर 2021 से 25 फरवरी 2022 तक हुआ, हालांकि सुरक्षा कारणों से, यह पूरा सीज़न बेंगलुरु के शेरेटन ग्रैंड बेंगलुरु व्हाइटफ़ील्ड होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में दर्शकों के बिना खेला गया था।
सीज़न का फाइनल 25 फरवरी 2022 को बेंगलुरु में खेला गया। जिसमें दबंग दिल्ली के.सी. और तीन बार की चैंपियन पटना पाइरेट्स आमने-सामने थीं। दिल्ली ने पटना को 37-36 के बेहद करीबी अंतर से हराया और अपनी पहली प्रो कबड्डी लीग ट्रॉफी जीती। यह जीत नवीन कुमार के शानदार प्रदर्शन और टीम के शानदार डिफेंस के कारण संभव हुई।
लीग के प्रमुख खिलाड़ी
- सबसे सफल रेडर: बेंगलुरु बुल्स के कप्तान पवन कुमार सहरावत इस सीज़न के सबसे सफल रेडर रहे, उन्होंने 304 रेड पॉइंट हासिल किए। उन्होंने लगातार दूसरे सीज़न में 300 से अधिक रेड पॉइंट का रिकॉर्ड बनाया।
- सबसे सफल डिफेंडर: पटना पाइरेट्स के मोहम्मदरेज़ा चियानेह ने 86 टैकल पॉइंट के साथ सबसे सफल डिफेंडर का खिताब जीता।
- सबसे महंगे खिलाड़ी: इस सीज़न की नीलामी में परदीप नरवाल को यूपी योद्धा ने ₹1.65 करोड़ में खरीदा, जिससे वह प्रो कबड्डी लीग के इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए।
सीजन 9 (2022)
प्रो कबड्डी लीग (PKL) का नौवां सीज़न 7 अक्टूबर 2022 से शुरू हुआ यह एक ऐतिहासिक और रोमांचक सीज़न था, जिसने एक बार फिर जयपुर पिंक पैंथर्स को चैंपियन बनाया। इस सीज़न में कई रिकॉर्ड बने और नए सितारे उभरकर सामने आए। यह सीज़न बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद में आयोजित किया गया था, जहाँ दर्शकों की वापसी हुई, जिससे खिलाड़ियों और प्रशंसकों दोनों में नया उत्साह आया।
पीकेएल सीजन 9 का फाइनल 17 दिसंबर 2022 को मुंबई में खेला गया। जिसमें जयपुर पिंक पैंथर्स ने पुनेरी पलटन को 33-29 के अंतर से हराया और अपना दूसरा प्रो कबड्डी लीग खिताब जीता।
सीजन के प्रमुख खिलाड़ी
- सबसे सफल रेडर: अर्जुन देशवाल (जयपुर पिंक पैंथर्स) ने 296 रेड पॉइंट हासिल कर सबसे सफल रेडर का खिताब जीता। उनके शानदार प्रदर्शन ने उनकी टीम को फाइनल तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- सबसे सफल डिफेंडर: अंकुश (जयपुर पिंक पैंथर्स) ने एक सीज़न में किसी भी डेब्यू खिलाड़ी द्वारा सबसे ज़्यादा 89 टैकल पॉइंट हासिल कर रिकॉर्ड बनाया।
- सबसे महंगे खिलाड़ी: इस सीज़न की नीलामी में पवन सहरावत को तमिल थलाइवाज ने ₹2.26 करोड़ में खरीदा था, जिससे वह उस समय प्रो कबड्डी लीग के इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए थे। हालांकि, दुर्भाग्यवश, उन्हें पहले ही मैच में चोट लग गई और वह पूरे सीज़न से बाहर हो गए।
सीजन 10 (2023-24)
प्रो कबड्डी लीग (PKL) का 10वां सीज़न 2 दिसंबर 2023 से शुरू हुआ और इसका फाइनल 1 मार्च 2024 को हैदराबाद के जीएमसी बालयोगी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेला गया। जिसमें पुनेरी पलटन ने हरियाणा स्टीलर्स को 28-25 के अंतर से हराया और पहली बार प्रो कबड्डी लीग का खिताब जीतकर इतिहास रचा।
लीग के प्रमुख खिलाड़ी
- सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (MVP): असलम इनामदार (पुनेरी पलटन) को सीज़न 10 का MVP चुना गया।
- सबसे सफल रेडर: आशु मलिक (दबंग दिल्ली) ने 276 रेड पॉइंट के साथ टॉप रेडर का खिताब जीता।
- सबसे सफल डिफेंडर: मोहम्मदरेज़ा चियानेह (पुनेरी पलटन) ने 99 टैकल पॉइंट हासिल कर सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर का खिताब जीता।
- सबसे महंगे खिलाड़ी: इस सीज़न की नीलामी में पवन सहरावत को तेलुगु टाइटंस ने ₹2.605 करोड़ में खरीदा, जिससे वह प्रो कबड्डी लीग के इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए।
सीजन 11 (2024)
प्रो कबड्डी लीग (PKL) का 11वां सीज़न 18 अक्टूबर से 29 दिसंबर 2024 तीन शहरों – हैदराबाद, नोएडा और पुणे में आयोजित किया गया था। इसके फाइनल में हरियाणा स्टीलर्स ने तीन बार की चैंपियन पटना पाइरेट्स को 32-23 के स्कोर से हराया और पहली बार प्रो कबड्डी लीग का खिताब जीतकर इतिहास रचा।
लीग के प्रमुख खिलाड़ी
- सबसे सफल रेडर: पटना पाइरेट्स के युवा रेडर देवंक ने 301 रेड पॉइंट के साथ टॉप रेडर का खिताब जीता।
- सबसे सफल डिफेंडर: हरियाणा स्टीलर्स के मोहम्मदरेज़ा शादलोई ने 82 टैकल पॉइंट हासिल कर सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर का खिताब जीता।
- सबसे महंगे खिलाड़ी: इस सीज़न की नीलामी में सचिन तंवर को तमिल थलाइवाज ने ₹2.15 करोड़ में खरीदा, जिससे वह इस सीज़न के सबसे महंगे खिलाड़ी बने।
यहाँ देखें: प्रो कबड्डी के ऑल सीजन टॉप डिफेंडर की लिस्ट यहां देखें
स्टार खिलाड़ी और रिकॉर्ड्स
PKL ने कई खिलाड़ियों को स्टार बनाया है, जिनमें प्रमुख नाम हैं:
- प्रदीप नरवाल (डुबकी किंग, PKL इतिहास के सबसे सफल रेडर)
- नवीन कुमार (नवीन एक्सप्रेस, लगातार सुपर 10 बनाने वाले खिलाड़ी)
- फज़ल अत्राचली (दिग्गज ईरानी डिफेंडर)
- पवन सहरावत (तेज़ और शक्तिशाली रेडर, हाई फ्लायर)
- अजय ठाकुर
- असलम इनामदार, अर्जुन देशवाल, सौरभ नंदल और मोहम्मदरेजा शादलुई (नए दौर के सुपरस्टार्स)
कुछ प्रमुख रिकॉर्ड्स:
- सबसे ज़्यादा खिताब: पटना पाइरेट्स (3 बार)
- सबसे महंगे खिलाड़ी: पवन सहरावत (₹2.6 करोड़+)
- एक मैच में सबसे ज़्यादा रेड पॉइंट्स: प्रदीप नरवाल (34 पॉइंट्स)
PKL के सभी विजेताओं की लिस्ट (2014 से 2025)
सर्वाधिक 3 बार खिताब जीतकर पटना पाइरेट्स कबड्डी टीम इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है, तो वहीं जयपुर 2 बार और दिल्ली, मुंबई, बंगाल, हरियाणा, बेंगलुरू की टीमें एक-एक बार PKL का टाइटल जीत चुकी है।
| सीजन | साल | विजेता टीम | रनर-अप टीम |
|---|---|---|---|
| सीजन 1 | 2014 | जयपुर पिंक पैंथर्स | यू मुम्बा |
| सीजन 2 | 2015 | यू मुम्बा | बेंगलुरू बुल्स |
| सीजन 3 | 2016 (जनवरी) | पटना पाइरेट्स | यू मुम्बा |
| सीजन 4 | 2016 (जून) | पटना पाइरेट्स | जयपुर पिंक पैंथर्स |
| सीजन 5 | 2017 | पटना पाइरेट्स | गुजरात फॉर्च्यून जायंट्स |
| सीजन 6 | 2018 | बेंगलुरु बुल्स | गुजरात फॉर्च्यून जायंट्स |
| सीजन 7 | 2019 | बंगाल वारियर्स | दबंग दिल्ली |
| सीजन 8 | 2021-22 | दबंग दिल्ली केसी | पटना पाइरेट्स |
| सीजन 9 | 2022 | जयपुर पिंक पैंथर्स | पुनेरी पलटन |
| सीजन 10 | 2023-24 | पुनेरी पलटन | हरियाणा स्टीलर्स |
| सीजन 11 | 2024 | हरियाणा स्टीलर्स | पटना पाइरेट्स |
| सीजन 12 | 2025 | – | – |
यहाँ देखें: प्रो कबड्डी लीग विनर 2025 (प्राइज मनी)
लाइव स्ट्रीमिंग और टीवी टेलीकास्ट
प्रो कबड्डी लीग के सभी मैच Star Sports नेटवर्क पर लाइव प्रसारित होते हैं:
- टीवी: Star Sports 1, Star Sports 1 Hindi
- ऑनलाइन स्ट्रीमिंग: JioHotstar ऐप और वेबसाईट पर
PKL की आयोजक मशाल स्पोर्ट्स ने एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) के तत्वावधान और मंजूरी के तहत, पीकेएल को भारत में सबसे सफल खेल लीगों में से एक बना दिया है। दरअसल पहले ही सीज़न से लीग को जबरदस्त लोकप्रियता मिली और यह IPL के बाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी स्पोर्ट्स लीग बन गई। अब तक इसके 11 सफल सीजन आयोजित किए जा चुके हैं। वर्तमान में यह भारत में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और इंडियन सुपर लीग (ISL) के बाद तीसरी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली स्पोर्ट्स लीग है।
निष्कर्ष
प्रो कबड्डी लीग (PKL) भारत की सबसे लोकप्रिय खेल लीगों में से एक बन चुकी है। यह न सिर्फ कबड्डी खेल को एक नए मंच पर लेकर गई, बल्कि गाँवों में खेले जाने वाले इस पारंपरिक खेल को शहरों और ग्लोबल दर्शकों तक पहुँचा दिया। इसने न केवल भारत के खिलाड़ियों को बल्कि विदेशी खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया।









